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पीएम एकता मॉल बनेगा ‘आत्मनिर्भर मॉडल’: सचिव राजेश सिंह राणा ने दिए ग्रीन बिल्डिंग और सोलर एनर्जी पर जोर के निर्देश

27% कार्य पूर्ण, बेसमेंट निर्माण लगभग 90% और ग्राउंड फ्लोर का स्ट्रक्चर 50% तक तैयार

रायपुर के पंडरी में आकार ले रहे महत्वाकांक्षी “पीएम एकता मॉल” के निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेने आज वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। इस उच्च स्तरीय निरीक्षण दल में छत्तीसगढ़ ग्रामीण उद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक जे. पी. मौर्य, रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के कार्यपालन अभियंता सुशील शर्मा और सहायक अभियंता विवेक सिन्हा शामिल थे। उनके साथ परियोजना प्रबंधन सलाहकार (PMC) ब्यूरो वेरिटास इंडिया और ठेकेदार एजेंसी दीपक पाण्डेय – डी वी प्रोजेक्ट्स प्रा. लि. (JV) के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। भौतिक प्रगति और वर्तमान स्थिति:सघन निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि परियोजना ने अब तक लगभग 27% भौतिक प्रगति हासिल कर ली है।

 

स्थल पर मौजूद इंजीनियर्स ने बताया कि मॉल के बेसमेंट का ढांचागत कार्य तेजी से आगे बढ़ते हुए लगभग 90% पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर का स्ट्रक्चरल काम भी 50% तक पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में बेसमेंट के भीतर अंदरूनी प्लास्टर और अन्य सहायक सिविल कार्य समानांतर रूप से युद्ध स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं।समीक्षा बैठक में दिए गए कड़े निर्देश:निरीक्षण के उपरांत सचिव श्री राजेश सिंह राणा और प्रबंध संचालक श्री जे. पी. मौर्य ने निर्माण कार्य की गति को और तेज करने के लिए ठेकेदार और संबंधित एजेंसियों को सख्त लहजे में निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए:समयसीमा का कड़ाई से पालन: ठेकेदार को निर्माण कार्यों में अभूतपूर्व तेजी लाते हुए पूरी परियोजना को आगामी 30 दिसंबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।पाक्षिक समीक्षा (Fortnightly Review): कार्य की कछुआ चाल को रोकने के लिए ठेकेदार को तत्काल एक विस्तृत माहवार (Month-wise) कार्य योजना प्रस्तुत करने को कहा गया है। इस कार्य योजना की प्रगति की प्रत्येक 15 दिनों में कड़ी समीक्षा की जाएगी।

ग्रीन बिल्डिंग और वर्टिकल सोलर कॉन्सेप्ट: मॉल को पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक बनाने के लिए अधिकारियों ने इसमें ग्रीन बिल्डिंग अवधारणा को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया है। भवन की छत के अलावा, इसकी वर्टिकल सतहों (दीवारों/अग्रभाग) पर भी अतिरिक्त सोलर पैनल लगाने की संभावनाओं और व्यवहार्यता (Feasibility) की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सौर ऊर्जा का अधिकतम दोहन किया जा सके।गुणवत्ता और मानकों से कोई समझौता नहीं: ठेकेदार और PMC (ब्यूरो वेरिटास) को सख्त हिदायत दी गई है कि निर्माण में उपयोग होने वाली सभी सामग्रियों की गुणवत्ता निर्धारित वैश्विक मानकों, विनिर्देशों और स्वीकृत मापदंडों के अनुरूप ही होनी चाहिए।सुरक्षा और बेहतर समन्वय: अधिकारियों ने निर्माण स्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा, कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की निरंतर निगरानी (Continuous Monitoring) पर विशेष बल दिया। सभी हितधारक एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से काम निपटाने को कहा गया है।

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