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राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण राजमार्ग यात्रा ऐप ‘वनटैग’ फास्टैग पोर्टेबिलिटी सेवा

दिल्ली। फास्टैग उपयोगकर्ताओं के लिए विकल्पों को बढ़ाने के उद्देश्य से, ‘वनटैग ‘ – फास्टैग पोर्टेबिलिटी सेवा-अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के राजमार्गयात्रा ऐप पर उपलब्ध है। इस पहल से फास्टैग उपयोगकर्ता अपने वाहन पर लगे मौजूदा फास्टैग को बरकरार रखते हुए अपना जारीकर्ता बदल सकते हैं। इससे उन्हें नया फास्टैग प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होगी।’ वनटैग ‘ फास्टैग पोर्टेबिलिटी की उपलब्धता से राजमार्गयात्रा ऐप पर राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं का विस्तार हुआ है। इनमें फास्टैग वार्षिक पास, फास्टैग स्थानीय पास, आपातकालीन हेल्पलाइन 1033 और अन्य सेवाएं शामिल हैं।

राजमार्ग यात्रा ऐप उपयोगकर्ताओं को फास्टैग पोर्टेबिलिटी प्रक्रिया में मार्गदर्शन प्रदान करता है। फास्टैग उपयोगकर्ता ऐप में लॉग इन करके अपनी वाहन पंजीकरण संख्या दर्ज कर पात्रता की जांच कर सकते हैं। उपयोगकर्ता को वर्तमान जारीकर्ता बैंक से छह अंकों का मोबाइल सत्यापन कोड (एमवीसी) प्राप्त होगा। प्रमाणीकरण के बाद, उपयोगकर्ता को एक नया जारीकर्ता चुनना होगा, ग्राहक सत्यापन पूरा करना होगा और पोर्टेबिलिटी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नए जारीकर्ता के साथ वॉलेट ऑनबोर्डिंग (नया खाता स्थापित) करना होगा। सफल पोर्टेबिलिटी के बाद, वाहन पंजीकरण संख्या से जुड़ी मौजूदा फास्टैग आईडी अपरिवर्तित रहेगी। इससे उपयोगकर्ता दूसरे जारीकर्ता बैंक के साथ उसी टैग का उपयोग जारी रख सकेंगे।

पोर्टेबिलिटी पूरी होने के बाद, पिछला जारीकर्ता मौजूदा फास्टैग वॉलेट को बंद कर देगा और लागू समायोजन के बाद उपलब्ध शेष राशि वापस कर देगा। साथ ही, इंटरऑपरेबल फास्टैग को दोबारा पोर्ट करने से पहले 6 महीने की आसान अवधि होती है।

‘वनटैग ‘ पहल से टैग के बार-बार उत्पादन की आवश्यकता कम हो जाएगी। इससे फास्ट टैग के कार्यशैली प्रबंधन में सुधार होगा और परिचालन लागत, प्रेषण और पुनः जारी करने के खर्च में कमी आएगी। ‘वनटैग’ से जारीकर्ता बदलने की प्रक्रिया भी सुगम होगी, ग्राहकों के लिए विकल्प बढ़ेंगे और एक अधिक अंतरसंचालनीय और कुशल फास्ट टैग इकोसिस्टम के निर्माण में योगदान मिलेगा।

98 प्रतिशत से अधिक पैठ दर और लगभग 13 करोड़ उपयोगकर्ताओं के साथ फास्टैग ने देश में इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली में क्रांति ला दी है। ‘वनटैग ‘ की शुरुआत से डिजिटल टोल टैक्‍स प्रणाली और मजबूत होगी और फास्टैग उपयोगकर्ताओं को अधिक लचीलापन मिलेगा। इसके साथ ही मौजूदा फिजिकल टैग भी बरकरार रहेगा और राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को अधिक सुविधा मिलेगी।

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