
सामुदायिक पुलिसिंग की मिसाल पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम कर अपराध मुक्त समाज की संरचना करना है ‘‘पहल’’ का मुख्य उद्देश्य
मुंगेली जिले में कानून व्यवस्था को सुदृण करने के साथ-साथ सामाजिक सुधार की दिशा में पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल द्वारा शुरू किया गया ‘‘पहल’’ कार्यक्रम अब एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले रहा है। इसी कड़ी में आज जिला पंचायत मुंगेली के सभा कक्ष में एक विशेष संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, जिला उपाध्यक्ष रजनी देवचरण भास्कर, जिला पंचायत के सदस्यगण और जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के सभी विभाग प्रमुख ने एक साझा मंच पर आकर मुंगेली को बेहतर बनाने का संकल्प लिया।
जिला पुलिस बल मुंगेली के द्वारा 01 वर्ष से चलाये जा रहे अभियान ‘‘पहल’’ के तहत रूपरेखा तैयार कर जिले के स्कुल, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थानो मे जागरूकता अभियान चलाया गया है। मुंगेली पुलिस के द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार के दिशा निर्देशन पर पुलिस एवं आम जनता की बीच की दुरी को ‘‘पहल’’ कार्यक्रम के माध्यम से नागरिको, बच्चों तथा महिलाओं से जुड़कर उनके पास जाकर शिक्षा के क्षेत्र मे विकसित करते हुये डिजिटल युग मे होने वाले सायबर फ्राड, यातायात सुरक्षा, नशा मुक्ति की जानकारी देकर पुलिस व जनता की दुरी को कम करने का अथक प्रयास किया जा रहा है।

एसपी भोजराम पटेल के मुख्य आतिथ्य मे एवं जिला पंचायत प्रभाकर पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘‘पहल’’ कार्यक्रम के तहत जनप्रतिनिधियों के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सायबर जागरूकता, नशा मुक्ति और यातायात सुरक्षा का संदेश पहुँचाना है। मुंगेली पुलिस का मानना है कि जनप्रतिनिधि समाज के प्रभावशाली अंग हैं, और उनके सहयोग से ‘‘पहल’’ अभियान की पहुँच गांव-गांव और घर-घर तक सुनिश्चित होगी तथा जनप्रतिनिधियो एवं विभाग प्रमुखों के द्वारा अपने अपने कार्य क्षेत्र मे जाकर आम नागरिको को जागरूक करने की सार्थक प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से 03 बिन्दुओ पर जोर दिया गया:-
01. सायबर फ्राड:- वर्तमान डिजिटल युग मे मोबाइल का सदुपयोग एवं होने वाले सायबर फ्राड की जागरूकता तथा फ्राड होने पर तत्काल सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 मे कॉल कर फ्राड हुये रकम को होल्ड कराया जा सकता है।
02. यातायात:- यातायात नियमो का पालन करने तथा विशेष तौर पर पिकअप मालवाहक है कोई भी महिलाओ बच्चो तथा आमजनो को सफर से बचे तथा नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने ना दें। मुंगेली पुलिस द्वारा बीते वर्ष 2024 की तुलना मे रोड एक्सीडेन्ट मृत्युदर आंकड़ो मे जागरूक कर कमी लाने मे सफल प्रयास किया गया है।
03. नशा मुक्ति:- नशा मुक्ति का लगातार जागरूकता अभियान स्कुल, कॉलेजो मे किया जा रहा है नशे से दुर रहने की अपील की गई।
सार्थक प्रयास नशा मुक्ति, यातायात सुरक्षा और सायबर सुरक्षा की जनप्रतिनिधियों ने आम जनता को जागरूक करने लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से बताया कि कैसे नशा न केवल स्वास्थ्य को खराब करता है, बल्कि अपराधों का भी मुख्य कारण बनता है। साथ ही, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकने के लिए हेलमेट की अनिवार्यता और यातायात संकेतों एवं सायबर जागरूकता की जानकारी दी गई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने एसपी भोजराम पटेल के इस विजन की सराहना की और अपने क्षेत्रों में सक्रिय रूप से इस मुहिम को चलाने का आश्वासन दिया साथ ही जनप्रतिनिधियोें एवं विभाग प्रमुखो के द्वारा संकल्प लिया गया – सायबर फ्राड से बचाने तथा यातायात जागरूकता कर एक्सीडेन्ट को रोकने तथा हर परिवार को नशे से बचाने और नशा मुक्ति का लगातार आमजनो नवयुवको बच्चों को प्रेरित करने संकल्प लिया गया। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के नेतृत्व में मुंगेली पुलिस केवल अपराधों के दमन तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘‘पहल’’ के जरिए अपराध की जड़ (नशा) पर प्रहार कर रही है। जिला पंचायत में हुई यह चर्चा आने वाले समय में जिले की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक जागरूकता के लिए मील का पत्थर साबित होगी। मुंगेली पुलिस अधीक्षक के द्वारा अपील की गई पुलिस और जनता के बीच का सामंजस्य ही एक सुरक्षित समाज की नींव है और ‘‘पहल’’ के माध्यम से हम प्रत्येक नागरिक को जिम्मेदार और जागरूक बनाना चाहते हैं।




