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राजधानी में बनेगा 21 करोड़ का ‘नालंदा फेज-2’, प्रदेश का सबसे आधुनिक ‘ऑल-इन-वन’ स्टडी हब

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के शैक्षणिक कायाकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। जीई रोड (एनआईटी के सामने) पर 21 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक ‘नालंदा परिसर फेज-2’ का भव्य भूमिपूजन आगामी 23 जनवरी, शुक्रवार को दोपहर 3 बजे संपन्न होगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री अरुण साव जी होंगे। श्री साव विधायक एवं पूर्व मंत्री राजेश मूणत की उपस्थिति में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला रखेंगे।

रायपुर के युवाओं को मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में एक ऐसी सौगात मिल रही है, जो पूरे प्रदेश में मिसाल बनेगी। अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र मानसिक थकान का अनुभव करते हैं। उनकी इसी समस्या को समझते हुए हमने नालंदा फेज-2 में ‘स्टडी विथ फिटनेस’ का कॉन्सेप्ट लागू किया है। यहाँ छात्र लाइब्रेरी में पढ़ाई के साथ-साथ परिसर के भीतर ही आधुनिक जिम और स्पोर्ट्स जोन का लाभ उठा सकेंगे।”

यह तीन मंजिला (G+3) भवन 5,615 वर्ग मीटर में फैला होगा, जिसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। यहाँ एक साथ 1,000 से अधिक छात्र बैठकर पढ़ाई कर सकेंगे। साथ ही 90 सीटों का एक विशेष लेक्चर हॉल होगा जहाँ विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

डिजिटल और फिजिकल लाइब्रेरी: परिसर में 11,500 से अधिक किताबों का संग्रह होगा। इसके साथ ही एक हाई-टेक ई-लाइब्रेरी भी विकसित की जाएगी।

ग्राउंड फ्लोर में छात्रों के रिलैक्सेशन के लिए कैफेटेरिया, इंडोर गेम्स और प्ले-जोन की भी व्यवस्था होगी।

प्रथम एवं द्वितीय तल: शांत अध्ययन क्षेत्र और मुख्य पुस्तकालय होगा।

तृतीय तल: विशेष रूप से ‘ग्रुप स्टडी’ के लिए समर्पित, जहाँ छात्र आपस में विचार-विमर्श कर सकेंगे।

अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा: 21 मीटर ऊंचे इस भवन में पार्किंग के लिए 3,500 वर्ग मीटर का क्षेत्र और हरियाली के लिए विशेष ग्रीन जोन बनाया जाएगा।

चौपाटी से ‘ज्ञान के केंद्र’ तक का सफर : जिस स्थान पर पहले अव्यवस्थित चौपाटी थी, वहां अब ज्ञान का मंदिर बनेगा। इससे न केवल क्षेत्र का वातावरण बदलेगा, बल्कि हजारों छात्रों को एक सुरक्षित और शैक्षणिक माहौल मिलेगा। यह रायपुर का तीसरा नालंदा परिसर होगा, जो एनआईटी, आयुष विश्वविद्यालय और साइंस कॉलेज के आसपास रहने वाले हजारों छात्रों के लिए वरदान साबित होगा।

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