
रायपुर। सीएसआईआर-राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद द्वारा ग्राम तातापानी, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में भूतापीय जल स्त्रोत के अध्ययन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में भूपेन्द्र सवन्नी, अध्यक्ष क्रेडा की गरिमामयी उपस्थिति में राजेश सिंह राणा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, क्रेडा एवं प्रकाश कुमार, निदेशक सीएसआईआर-एनजीआरआई के मध्य मेमोरेण्डम ऑफ अण्डरस्टेंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये।

इस एमओयू के अंतर्गत ग्राम तातापानी, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज स्थित भू-तापीय जल स्रोत क्षेत्र में CSIR–NGRI द्वारा दो वर्षों तक विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। अध्ययन के परिणाम सकारात्मक पाए जाने पर क्रेडा द्वारा खुली निविदा प्रक्रिया के माध्यम से परियोजना विस्तारक का चयन कर राज्य में भू-तापीय विद्युत परियोजना स्थापित की जाएगी। यह परियोजना राज्य में अपनी तरह की पहली पहल होगी। यह पहल छत्तीसगढ़ को भू-तापीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगी। एमओयू निष्पादन समारोह में क्रेडा एवं सीएसआईआर-एनजीआरआई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अध्ययन के अंतर्गत—
•भू-तापीय जल स्रोत की मात्रा का आकलन
•तापमान एवं दबाव का विश्लेषण
•विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों एवं सेंसर के माध्यम से डेटा संग्रह
•जियोथर्मल ऊर्जा से विद्युत उत्पादन की संभावनाओं का तकनीकी परीक्षण इस अध्ययन से प्राप्त विश्लेषणात्मक डेटा के आधार पर भविष्य में छत्तीसगढ़ में भू-तापीय ऊर्जा के दोहन की दिशा में ठोस निर्णय लिए जा सकेंगे।
उपयुक्त परिणाम प्राप्त होने पर—
•भूतापीय विद्युत परियोजना की स्थापना की जा सकेगी
•24×7 सतत एवं स्वच्छ विद्युत उत्पादन संभव होगा
•राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा





