
विदेशी विद्यार्थियों ने भी पहने छत्तीसगढ़ी कोसा के परिधान, रैंप वॉक से दिया ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश
रायपुर। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप तथा ग्रामोद्योग मंत्री गजेन्द्र यादव के दिशा-निर्देश पर ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा (आई.ए.एस.) के मार्गदर्शन में आत्म-निर्भर छत्तीसगढ़ वोकल फॉर लोकल- सेल्फी विथ स्वदेशी सोशल अवेयरनेस कैम्पेन का आयोजन मेट्स यूनिवर्सिटी रायपुर में दिनांक 17 सितम्बर 2026 को किया गया। बिलासा हैण्डलूम के डिजाईनर द्वारा तैयार डिजाईन हाथकरघा कोसा एवं काटन वस्त्रों के परिधानों का महाविद्यालय के 40 से अधिक छात्र-छात्राओं द्वारा रेंप वाक किया गया, जिसमें विदेशी विद्यार्थियों के द्वारा भी भाग लिया गया। वोकल फॉर लोकल कैम्पेन में मेट्स यूनिवर्सिटी के लगभग 400 से अधिक छात्र-छात्राएं एवं फेकल्टी उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भोजराम देवांगन, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा संघ के द्वारा बताया गया कि प्रदेश के कोसा एवं काटन क्षेत्र के बुनकरों द्वारा निर्मित हाथकरघा वस्त्रों को अधिक से अधिक अपनाने का सुझाव दिया गया, जो स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है। ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध संचालक राणा के द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस 7 अगस्त 2026 दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में स्वदेशी फैशन-शो का आयोजन किया गया, जिसमें सुकमा जिले के आत्मसमर्पित एवं पुर्नवासित 10 महिलाओं के द्वारा भाग लिया गया, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर काफी सराहना प्राप्त हुआ है।

श्री राणा के द्वारा बताया गया कि ग्रामोद्योग विभाग- हाथकरघा, रेशम, हस्तशिल्प, माटीकला तथा खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से राज्य के 3.50 लाख से अधिक बुनकरों/शिल्पियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है तथा हाथकरघा बिलासा हैण्डलूम एम्पोरियम में वेल्यू एडिशन करने तथा बाजार के मांग के अनुरूप डिजाईनर वस्त्रों के विकास हेतु निफ्ट डिजाईनर तथा विपणन विकास के लिए मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप एवं माननीय ग्रामोद्योग मंत्री गजेन्द्र यादव के निर्देशानुसार ग्रामोद्योग सचिव सह प्रबंध संचालक के द्वारा जानकारी दिया गया कि हाथकरघा उत्पादों को वर्तमान जेन-जी में उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ग्रामोद्योग विभाग के इंस्टाग्राम पर क्यू आर कोड अपलोड किया गया है, जिसमें 1 अगस्त 2026 से छत्तीसगढ़ के हाथकरघा, हस्तशिल्प, माटीकला एवं खादी वस्त्र/उत्पादों के साथ सेल्फी/चित्र अपलोड करने पर तथा ग्रामोद्योग उत्पादों की खरीदी करने पर चयनित 10 ग्राहकों/प्रतिभागियों को ग्रामोद्योग विभाग के द्वारा प्रतिमाह पुरस्कार एवं उपहार दिया जाएगा, जिसके देयक का मिलान बिलासा हैण्डलूम एम्पोरियम के देयकों से किया जायेगा। इस प्रकार सेल्फी विथ स्वदेशी का प्रतिस्पर्धा शुरू किया गया है। ताकि राज्य के बुनकरों/शिल्पियों द्वारा उत्पादित वस्त्रों की प्रचार-प्रसार के साथ विपणन को प्रोत्साहन मिल सके ताकि राज्य के लाखों बुनकरों/शिल्पियों को इसका सीधा लाभ मिल सके। राणा के द्वारा यह भी बताया गया कि हाथकरघा का वस्त्र/कपड़ा खरीदने से वस्त्र उत्पादन करने वाले बुनकरों के रोजगार में वृद्धि तथा आर्थिक विकास में सहायक सिद्ध होते है। ‘‘वोकल फॉर लोकल’’ आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ स्वदेशी फैशन-शो सोशल अवेयरनेस कैम्पेन में मेट्स यूनिवर्सिटी के महानिदेशक प्रियेश पगारिया एवं संचालक के.पी. यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहें ।





