Featureछत्तीसगढ़

रायपुर में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई: 3 पर एफआईआर, 9 पर विक्रय प्रतिबंध, 3 गोदाम सील

रायपुर। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार कार्यालय उप संचालक कृषि, जिला रायपुर द्वारा खरीफ 2026 में कृषि आदान सामग्रियों में अनियमितता पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जिले में 03 व्यापारियों के विरुद्ध पुलिस प्राथमिकी दर्ज की गई है, 09 पर विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है, 03 गोदाम सील किए गए हैं और 01 को स्पष्टीकरण जारी किया गया है।

जिला रायपुर अंतर्गत मेसर्स पुलकित बायोफर्टिलाइजर, हरियाणा द्वारा उर्वरक एवं श्री रविन्द्र कुमार मित्तल द्वारा बीज एवं उर्वरक का बिना प्राधिकार पत्र के व्यापार किए जाने पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

राज्य एवं जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल द्वारा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों के औचक निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।

मेसर्स एकॉन क्रॉप साइंसेस इंडिया प्रा. लि., उरकुरा द्वारा बिना प्राधिकार पत्र के जैव उत्प्रेरक का भंडारण एवं कीटनाशक गोदाम में अनियमितता पाए जाने पर विक्रय प्रतिबंध लगाकर नोटिस जारी किया गया। मेसर्स एमिरॉन ओवरसीस प्रा. लि., उरकुरा द्वारा बिना प्राधिकार पत्र के उर्वरक भंडारण, मेसर्स डेक्सीस एग्रो सोल्यूशन लि. द्वारा कीटनाशक उत्पाद के पैकेजिंग एवं भंडारण में अनियमितता, मेसर्स भास्कर कृषि केन्द्र, रवेली में अवसान अवधि समाप्त कीटनाशक उत्पाद, मेसर्स अभनपुर कृषि केन्द्र, अभनपुर द्वारा प्रिंसिपल सर्टिफिकेट इन्द्राज नहीं करने तथा मेसर्स सोपन एग्री केयर प्रा. लि., भनपुरी द्वारा बिना प्राधिकार पत्र के जैव उत्प्रेरक भंडारण पर विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई।

श्री निधि मार्केटिंग सी.एंड.एफ., उरकुरा रायपुर अंतर्गत मेसर्स हॉक एग्रीकेम प्रा. लि., मेसर्स ओसियन एग्रीटेक प्रा. लि. एवं मेसर्स त्रिवेणी एग्रो केमिकल्स एंड इंडस्ट्रीज लि. द्वारा कृषि उत्पादों के भंडारण में अनियमितता पर नोटिस जारी किया गया तथा भंडारण संबंधी बॉक्स, स्टीकर एवं सील जैसी सामग्री मिलने पर गोदाम को सील किया गया। वहीं मेसर्स आर.डी. इंटरप्राइजेस एवं मेसर्स डी.सी. इंटरप्राइजेस, रायपुरा द्वारा निरीक्षण में सहयोग नहीं करने पर विक्रय केंद्र को सील किया गया।

उप संचालक कृषि ने बताया कि स्पष्टीकरण पर संबंधितों द्वारा पक्ष रखे जाने के बाद उर्वरक में अनियमितता पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा कीटनाशी उत्पादों में अनियमितता पर कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं नियम 1971 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

संचालक कृषि विभाग एवं कलेक्टर डाक्टर गौरव सिंह के निर्देशानुसार कृषि आदानों की गुणवत्ता एवं व्यवसाय संबंधी अनियमितता पर लगातार कार्रवाई जारी है, जिससे कृषकों को सही समय पर उचित मूल्य पर गुणवत्ता युक्त आदान सामग्री निर्बाध रूप से उपलब्ध कराई जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button