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कलिंगा विश्वविद्यालय में रोबोटिक्स बूटकैम्प का शुभारंभ, छात्राओं को STEM एवं उभरती तकनीकों का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

नया रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर में 03 अगस्त 2026 को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स एवं ड्रोन उत्कृष्टता केंद्र में “रोबोटिक्स बूटकैम्प फॉर गवर्नमेंट गर्ल स्टूडेंट्स – एनकरेज देम टुवर्ड्स STEM एजुकेशन” का शुभारंभ किया गया। यह एक माह का बूटकैम्प राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (NCSTC), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शासकीय विद्यालयों की छात्राओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित (STEM) के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना तथा रोबोटिक्स एवं आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है।
उद्घाटन कार्यक्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राखी, नया रायपुर की 52 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उद्घाटन समारोह के साथ ही बूटकैम्प के प्रथम दिवस का प्रशिक्षण सत्र प्रारंभ हुआ, जिसके माध्यम से छात्राओं की एक माह की तकनीकी शिक्षण यात्रा का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम की गरिमामयी उपस्थिति में डॉ. मोनिका सेठी शर्मा, प्रति -उपकुलपति, डॉ. संदीप गांधी, कुलसचिव, तथा डॉ. विजयलक्ष्मी, निदेशक, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), कलिंगा विश्वविद्यालय उपस्थित रहे।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में डॉ. मोनिका सेठी शर्मा, प्रति-उपकुलपति ने छात्राओं को जीवन में सदैव सीखते रहने, जिज्ञासु बने रहने तथा नई चुनौतियों को आत्मविश्वास के साथ स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों के माध्यम से बताया कि निरंतर सीखने की इच्छा, समर्पण एवं आत्मविश्वास ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।
इस अवसर पर डॉ. संदीप गांधी, कुलसचिव ने एक माह तक चलने वाले रोबोटिक्स बूटकैम्प के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने चीन यात्रा के दौरान चालक रहित वाहन में यात्रा करने का अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि आज तकनीक कितनी तेजी से बदल रही है और भविष्य में रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा स्वचालन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने छात्राओं को इस प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने तथा भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
उद्घाटन समारोह के उपरांत रोबोटिक्स बूटकैम्प का प्रथम तकनीकी सत्र डॉ. विजयलक्ष्मी, निदेशक, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), कलिंगा विश्वविद्यालय द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने छात्राओं को रोबोटिक्स की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराया तथा वर्तमान समय में STEM शिक्षा के महत्व को सरल एवं प्रेरणादायक ढंग से समझाया। उन्होंने एक माह तक चलने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्यों एवं गतिविधियों की जानकारी देते हुए छात्राओं को प्रत्येक सत्र में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। संवादात्मक शैली में आयोजित इस सत्र के माध्यम से उन्होंने छात्राओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता एवं तकनीकी आत्मविश्वास विकसित करने का संदेश दिया।
रोबोटिक्स बूटकैम्प के तकनीकी सत्रों का संचालन डॉ. विजयलक्ष्मी के नेतृत्व में किया जा रहा है तथा इनके समन्वय की जिम्मेदारी छात्र स्वयंसेवकों आशुतोष कुमार एवं पीयूष श्रीवास्तव द्वारा निभाई जा रही है।
बूटकैम्प वर्तमान में संचालित है, जिसके अंतर्गत प्रतिभागी छात्राओं को रोबोटिक्स, आर्डुइनो प्रोग्रामिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर, स्वचालन, कोडिंग तथा प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं में तकनीकी दक्षता, नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।


इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह बूटकैम्प शासकीय विद्यालयों की छात्राओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने तथा STEM शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं आधुनिक तकनीकों से परिचय के माध्यम से छात्राओं को भविष्य के वैज्ञानिकों, अभियंताओं, नवप्रवर्तकों एवं तकनीकी विशेषज्ञों के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में आयोजन दल के सभी स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के स्वयंसेवकों डॉ. अनीता वर्मा, डॉ. अमिता गौतम, अभिषेक कुमार गुप्ता, अश्वन कुमार साहू, हेमंत साहू, आदित्य विवेक वर्मा एवं पुष्पराज गेंदरे तथा छात्र स्वयंसेवकों आशुतोष कुमार, पीयूष श्रीवास्तव, सिम्पी कुमारी, विशेष सतपथी, विशाल राज, एमडी ऐमान शफी, प्रज्ज्वल व्यास, लक्की कुमार एवं एमडी ताविस अंसारी ने विभिन्न व्यवस्थाओं के समन्वय एवं उद्घाटन कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समापन छात्राओं एवं संकाय सदस्यों के साथ संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसने एक माह तक चलने वाली ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रोबोटिक्स प्रशिक्षण यात्रा का सफल शुभारंभ किया।

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