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रिटायरमेंट अब और भी रहेगा यादगार : शासकीय सेवकों की प्रोजेक्ट वंदन के तहत सम्मान के साथ विदाई

मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डाॅ. सिंह की पहल अब सेवानिवृत्त सेवकों के लिए साबित हुई वरदान

रिटायर्ड शासकीय सेवकों ने जताई खुशी, 44 अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए हुआ सम्मान समारोह

रायपुर। एक वक्त था, जब शासकीय सेवकों को रिटायरमेंट के वक्त पेंशन सहित अन्य सत्वों के लिए कई बार शासकीय कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब उन्हें किसी भी तरह की रिटायरमेंट के वक्त में दिक्कतें नहीं होगी। प्रोजेक्ट वंदन के जरिए सारे सत्वों एवं पेंशन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। ताकि रिटायरमेंट के बाद उन्हें किसी भी प्रकार की चिंता न हो। दरअसल, प्रोजेक्ट वंदन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल पर शुरू की गई है। विगत अप्रैल माह में 44 अधिकारी-कर्मचारी रिटायर हुए उन्हें सम्मान के साथ रिटायरमेंट की शुभकामनाओं के साथ ही शाॅल एवं श्रीफल देकर सम्मान किया गया। जिनमें 7 अधिकारी-कर्मचारियों के सारे सत्वों का भुगतान किया गया तथा बाकियों का 10 दिन के भीतर सभी सत्व प्रदान किए जाएंगे।

खमतराई के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला के शिक्षक अब्दुल याकुब खान ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रोजेक्ट वंदन सभी शासकीय कर्मचारियों के लिए एक अच्छी पहल हैं। पहले रिटायरमेंट के वक्त कई बार पेंशन को लेकर बहुत-सी समस्याओं का सामना करना पड़ता था और कार्यालयांे का चक्कर लगाना पड़ता था, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट के माध्यम से विदाई समारोह के दिन जिले के कलेक्टर द्वारा पीपीओ एवं सत्वों का भुगतान 40 लाख रूपए तत्काल कर दिया गया। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री साय एवं जिला प्रशासन का धन्यवाद करता हूँ।

अम्लीडीह के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के व्याख्याता नारायण लाल साहू ने कहा कि पहली बार सामूहिक विदाई समारोह देखा, जिसमें स्वयं जिले के कलेक्टर किसी शिक्षक या अन्य शासकीय कर्मचारी को श्रीफल, प्रशस्ती पत्र एवं पीपीओ देकर सम्मानित कर रहे हों मुझे पहली बार अपने सेवा काल में कलेक्टर द्वारा सम्मानित होने का अवसर मिला। यह मेरे लिए एक सुखद अनुभव रहा, “प्रोजेक्ट वंदन” सभी शासकीय कर्मचारियों के लिए एक मिसाल साबित हो रहा है। पहले साथी कर्मचारी रिटायर होने पर कार्यालयों में भटकते थे, लेकिन उनका काम नहीं होता था। अब रिटायरमेंट के दिन मेरे सभी प्रकरण पहले ही समाप्त करके मुझे पीपीओ एवं सत्वों की भुगतान राशि 71 लाख रूपए प्राप्त हुई। इस पहल के लिए जिला प्रशासन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह का आभार व्यक्त करता हूँ।
तिल्दा विकासखण्ड के शासकीय हाईस्कूल ग्राम बहेसर के लेक्चरर मोतीराम साहू ने कहा कि प्रोजेक्ट वंदन के तहत मुझे कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह द्वारा विदाई समारोह में श्रीफल, शॉल एवं प्रशस्ती पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही विभाग द्वारा मुझे तत्काल पीपीओ एवं सत्वों की भुगतान राशि 30 लाख 62 हजार रूपए से अधिक राशि दी गई। इस प्रोजेक्ट वंदन के लिए मैं जिला प्रशासन का धन्यवाद करता हूँ। अब किसी कर्मचारी को अपने पेंशन संबंधित प्रकरणों के लिए किसी शासकीय कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, यह प्रोेजेक्ट वंदन एक अच्छी पहल है।

अब जिले के किसी भी विभाग के सेवानिवृत्त होने वाले प्रत्येक शासकीय सेवक को आत्मीयता और सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी। सेवानिवृत्ति को केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया न मानकर, उनके जीवनभर के योगदान के उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।

सेवानिवृत्ति के उपरांत अधिकारियों-कर्मचारियों के बहुमूल्य अनुभव और कौशल का लाभ समाज को मिलता रहे, इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट सेकेण्ड इनिंग की भी शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत सेवानिवृत्त अधिकारी व कर्मचारी अपनी इच्छा और दक्षता के अनुरूप शिक्षण, मार्गदर्शन एवं प्रशासनिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में स्वैच्छिक योगदान दे सकेंगे।

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