
भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक कमल किशोर सोन शुक्रवार को सुकमा जिले के प्रवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने दुब्बाटोटा पंचायत अंतर्गत ग्राम फायदागुड़ा में स्थापित सोलर पंप आधारित पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उनके साथ कलेक्टर अमित कुमार सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे ।
निरीक्षण के दौरान केंद्रीय सचिव ने गांव की वास्तविक स्थिति का सूक्ष्मता से अवलोकन करते हुए ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने ग्राम की सरपंच परसेक दुले से चर्चा कर गांव की जनसंख्या, जल टंकी के संचालन की तिथि, पूर्व में उपलब्ध पेयजल स्रोतों तथा वर्तमान व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी ली। ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी समस्याएं और अनुभव साझा किए, जिनका संज्ञान लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल पाइपलाइन बिछाना नहीं, बल्कि हर घर तक सुरक्षित और सतत पेयजल पहुंचाना है। इसके लिए जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
क्रेडा की पहल से बदली तस्वीर
निरीक्षण के दौरान कमल किशोर सोन ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सुकमा जैसे दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाएं एक प्रभावी और टिकाऊ समाधान के रूप में उभरकर सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि जहां पारंपरिक बिजली व्यवस्था पहुंचना कठिन है, वहां क्रेडा द्वारा स्थापित सोलर पंप योजनाएं ग्रामीणों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रही हैं। इससे न केवल जल संकट दूर हुआ है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।
क्रेडा द्वारा प्रदेश के विभिन्न दूरस्थ अंचलों में हजारों सोलर पंप स्थापित किए गए हैं, जिनसे जलापूर्ति, सिंचाई और ऊर्जा उपलब्धता जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। यह मॉडल आत्मनिर्भर और पर्यावरण अनुकूल होने के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान भी प्रदान करता है।
नेतृत्व और नवाचार से मिल रही गति
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और सतत विकास को प्राथमिकता दे रही है। जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन में क्रेडा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) राजेश सिंह राणा के मार्गदर्शन में संस्था ने सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों में विकास की नई रोशनी पहुंचाई है। नवाचार, तकनीकी दक्षता और जमीनी क्रियान्वयन के बेहतर समन्वय के कारण क्रेडा आज देश में एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है।
ग्रामीणों को मिल रहा सीधा लाभ
ग्राम फायदागुड़ा में स्थापित सोलर पंप योजना के माध्यम से अब ग्रामीणों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। पहले जहां लोगों को दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ता था, वहीं अब घर के समीप ही जल उपलब्ध होने से समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से राहत मिली है।
ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मिशन संचालक ओंकेश चंद्रवंशी, मुख्य अभियंता जी.एल. लखेरा, अधीक्षण अभियंता कैलाश मढ़रिया, एसडीएम सुभाष शुक्ला, जनपद सीईओ सुमित ध्रुव, एसडीओ गौरव सोनकिया सहित अन्य स्थानीय अधिकारी उपस्थित रहे।
स्पष्ट है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जल जीवन मिशन को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की नई धारा बह रही है।





