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डिजिटल बाजार और सीधे खरीदारों से जुड़ाव: रेशम महिला समूह समूहों की आय बढ़ाने का अचूक मंत्र

रायपुर। ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने जगदलपुर में रेशम विभाग के द्वारा सिल्क समग्र योजना के तहत तैयार किये गये रेशम विस्तार कार्यों का अवलोकन किया, अवलोकन में शिवराम ग्राम-सोसनपाल में रेशम विस्तार कृषक के रूप में उन्नत प्रजाति के व्ही-1 शहतूत का रोपण किया है शिवराम के द्वारा 50 स्वस्थ डिम्ब समूह का कृमिकीटपालन किया जा रहा है जो पांचवे अवस्था में है श्री शिवराम के द्वारा योजना के तहत पौधरोपण कार्यों के लिए रू0 60000 प्रति एकड़, सिंचाई सुविधा के विकास लिए रू0 60000 तथा कृमिपालन भवन निर्माण के लिए रू0. 325000 कृमिपालन उपकरणों की व्यवस्था के लिए रू0 50000 तथा निःसंक्रमण सामग्री हेतु रू० 5000 प्राप्त किया बताया। शिवराम के द्वारा रेशम कीटपालन कर रू० 55000 की आय होना बताया श्री शिवराम के द्वारा भविष्य में कीटपालन कर आय अर्जित करते रहने की ओर अग्रसर होने के बारे में अवगत कराया। उप संचालक रेशम ने बस्तर जिले में 90 कृषकों के चल सिल्क समग्र योजना के तहत शहतूत पौधरोपण कार्य पूर्ण होना बताया। सचिव छ०ग०शासन ने निर्देशित किया कि कृषकों के द्वारा कितनी आय अर्जित की जा रही है इसका विश्लेषण करते हुए रिकार्ड तैयार करें। सचिव छ०ग०शासन ने निर्देशित किया कि इस वर्ष सभी किसानों की आय में अच्छी वृद्धि होनी चाहिए इस हेतु उन्हें प्रशिक्षण तथा सभी तकनीकी मार्गदर्शन समय पर दिये जाय। आज दिनांक 18.06.2026 को सचिव छ०ग०शासन ग्रामोद्योग विभाग ने बस्तर संभाग के लिए बस्तर स्थित केन्द्रीय रेशम बोर्ड भारत सरकार के बुनियादी बीज प्रगुणन एवं प्रशिक्षण संस्थान बस्तर का भी निरीक्षण किया तथा बीज उत्पादन कार्यो का अवलोकन किया संस्था के वैज्ञानिकों के द्वारा बीज तैयार करने की प्रक्रिया को अवगत कराया सचिव छ०ग०शासन ग्रामोद्योग विभाग ने संस्था के वैज्ञानिकों को सलाह दिया कि संभाग में विभाग के मांग के अनुसार स्वस्थ डिम्ब समूहों का प्रदाय समय पर किया जाय। ताकि संभाग में कोसाफलों के उत्पादन में पर्याप्त वृद्धि हो सके। सचिव छ०ग०शासन ग्रामोद्योग विभाग ने सभी धागाकरण की मशीनों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिये ताकि धागाकारों को इससे स्वरोजगार प्राप्त होता रहे। सचिव छ०ग०शासन ग्रामोद्योग विभाग ने जिला रेशम अधिकारी कांकेर श्रीमती वेणी कश्यप से कांकेर में धागाकरण कार्यों से धागाकारों को प्राप्त होने वाली आय की जानकारी ली तथा निर्देशित किया कि धागाकरण कार्य को संपन्नता से किया जाय ताकि धागाकारों को लाभ होता रहे। वेणी कश्यप ने बताया कि झीपाटोला के धागाकरण समूहों ने रू० 1082784 का धागा तैयार कर आय अर्जित किया।

इसके पूर्व 16-06 – 2026 को भी छ०ग० शासन ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा द्वारा कोण्डागांव जिले के रेशम केन्द्र मसोरा का निरीक्षण एवं रेशम कीटपालकों, उद्यान संघारको से चर्चा किया गया था, उक्त चर्चा के दौरान केन्द्र में चल रही गतिविधियों के बारे में पूछताछ किया गया था। केन्द्र के कर्मचारियों ने शहतूत उद्यान के संधारण के बारे में अवगत कराया की केन्द्र में शहतूती रेशम कीट पालन कार्यों के लिए तैयारियां की जा रही है, टसर कीटपालन उद्यान में किये जा रहे कार्यों के बारे में अवगत कराया की केन्द्र की समूह के 12 स्थाई सदस्य एवं उनके परिवार के लोग एवं मसोरा ग्राम निवासी केन्द्र के कार्यों से जुड़े हुए है।इसी प्रकार सचिव छ०ग० शासन ग्रामोद्योग विभाग के द्वारा छ०ग० हस्त शिल्प विकास बोर्ड के कोण्डागांव स्थित शबरी एम्पोरियम का भी निरीक्षण किया एम्पोरियम के आवश्यक रिकार्डो का अवलोकन किया, भण्डारित सामग्रियों का भी अवलोकन कर विक्रय में वृद्धि करने, प्रचार प्रसार के निर्देश दिये ।सचिव छ०ग० शासन ग्रामोद्योग विभाग के द्वारा कोण्डागांव जिले के रेशम केन्द्र बनियागांव का निरीक्षण किया, बनियागांव में रेशम धागाकरण करने वाले महिलाओं के कार्यों का अवलोकन किया, महिलाओं के द्वारा 95 कि०ग्रा० धागा तैयार किया गया है जिसका अनुमानित मूल्य 304000 रू० है, इसी प्रकार बस्तर जिले के चपका केन्द्र का निरीक्षण किया समूह के अध्यक्षा ने बताया की अभी उनके पास 45 कि०ग्रा० धागा भण्डार में है, जिसकी अनुमानित कीमत 157500 रू० है । महिलाओ ने वर्षभर में 1632 कि०ग्रा० टसर धागा बनाया गया जिसमें रील्ड यार्न 269 कि०ग्रा० कीमत 1344500 रू० है एवं 25 कि०ग्रा० र्पन यार्न की कीमत 75000 रू० है तथा 1340 कि०ग्रा० मटका धागा बनाया गया जिसकी कीमत 2708105 रू० है, महिला समूह द्वारा धागा अनवरत तैयार किया जा रहा है ।

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