
रायपुर। सचिव सह-संचालक ग्रामोद्योग विभाग द्वारा रेशम प्रभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर मे आयोजित किया गया। राजेश सिंह राणा, सचिव, सह-संचालक द्वारा रेशम गतिविधियों से जुड़े हितग्राहियों की आय मे वृद्धि करने पर विशेष जोर दिया गया। हितग्राहियों की आय मे वृद्धि करने के लिए सभी रेशम केंद्रों मे मौसम अनुरूप अंतर्वर्ती फसलों एवं फलदार पौधों के रोपण के निर्देश दिए गये। साथ ही प्रति DFL ककून उत्पादन को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गये। टसर ककून उत्पादन को बढ़ाने के लिए उच्च गुणवत्ता युक्त DFL का उपयोग करने एवं DFL उत्पादन करने वाले हितग्राहियों को इस विषय पर विशेष प्रशिक्षण CSB के सहयोग से आयोजित करने निर्देश दिया गया।

केंद्रों के रिक्त भूमि एवं नए क्षेत्रों मे टसर पौधरोपन का कार्य VBGRAMG योजनान्तर्गत करने हेतु जिला रेशम अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। हितग्राहियों को सभी प्रकार के भुगतान अनिवार्य रूप से DBT द्वारा करने निर्देशित किया गया। टसर धागाकरण कार्य ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों मे रोजगार का एक सशक्त माध्यम है इसलिए अक्रियाशील धागाकरण समूहों को पुनः क्रियाशील करने तथा नए धागाकरण समूह सभी जिले मे तैयार करने के निर्देश दिए गये है। अहिंसा सिल्क को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जिले मे कम से कम एक समूह तैयार करने हेतु निर्देशित किया गया। इसके साथ ही रेशम विभाग की अन्य विषयों पर सचिव सह संचालक द्वारा चर्चा किया गया।





