
छत्तीसगढ़ सरकार की विकास और जनकल्याण केंद्रित नीतियों का असर अब बीजापुर जिले के दूरस्थ और पहले नक्सल प्रभावित गांवों में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजापुर जिले के 33 गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाएगा। यह केवल स्वतंत्रता दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि शांति, विकास, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता की नई शुरुआत का प्रतीक है।
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित 33 गांवों में स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा शान से फहराया जाएगा। दशकों तक नक्सलवाद के खौफ और प्रतिबंध के कारण इन दूरस्थ इलाकों में लोग खुलकर राष्ट्रीय पर्व नहीं मना पाते थे। लंबे समय तक नक्सल हिंसा और भय के प्रभाव में रहे इन गांवों में अब शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं, विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं और ग्रामीण लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ रहे हैं। ऐसे में पहली बार तिरंगा फहराया जाना बीजापुर के बदलते स्वरूप और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
बीजापुर विकासखंड के 6 गांवों में पहली बार तिरंगा
बीजापुर विकासखंड के लेण्ड्रा, अण्ड्री, एड्समेटा, पेद्दापाल, कचिलवार और मोसला गांवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित होगा और राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। ग्रामीण पूरे उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक अवसर में भाग लेंगे।
भैरमगढ़ के 15 गांवों में गूंजेगा राष्ट्रगान
भैरमगढ़ विकासखंड के बीराभट्टी, परकेली, पोनड़वाया, तुमीरगुण्डा, जारवा, गुण्डापुरी, आदवाड़ा, दामाराम, मुक्कावेली, झिल्ली, मार्रामेटा, एहकेली, पल्लेवाया, डोडूम और कड़मेर गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा। यहां राष्ट्रगान और देशभक्ति कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
भोपालपटनम के 7 और उसूर के 5 गांव भी बनेंगे साक्षी
भोपालपटनम विकासखंड के सेण्ड्रा, पालसेगुण्डी, नीलमड़गू, बंदेपारा, कोरंजेड़, कचलारम और मरीमल्ला गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। वहीं उसूर विकासखंड के कस्तूरपाड़, चिन्ना उटलापल्ली, पेद्दा उटलापल्ली, एड़ापल्ली और बोटेलंका गांव भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनेंगे।
तिरंगा बनेगा शांति, विकास और विश्वास का प्रतीक
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकता दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और लोगों को शासन की योजनाओं से जोड़ना है। इन गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाना शासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास तथा क्षेत्र में स्थापित हो रही शांति का प्रतीक है।अब इन गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार, पेयजल और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। ग्रामीण अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और विकास की नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
15 अगस्त को जब इन 33 गांवों में तिरंगा शान से लहराएगा, तब यह केवल स्वतंत्रता दिवस का उत्सव नहीं होगा, बल्कि नक्सलवाद से मुक्ति, लोकतंत्र की मजबूती और विकसित बीजापुर की दिशा में बढ़ते कदमों का सशक्त संदेश भी देगा। यह ऐतिहासिक अवसर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बदलते बस्तर और आत्मविश्वास से आगे बढ़ते बीजापुर की नई तस्वीर प्रस्तुत करेगा।





