
रायपुर। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ द्वारा किए जा रहे प्रयासों को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन-सह-चिंतन शिविर में सराहना मिली। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुषमा स्वराज भवन, चाणक्यपुरी में आयोजित इस सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया। दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के महिला एवं बाल विकास मंत्री और विभागीय सचिव भाग ले रहे हैं।
भारत सरकार की केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, भारत सरकार के सचिव तथा वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मेलन में उपस्थित रहे। शिविर में आंगनबाड़ी सेवाओं में सुधार, मिशन वात्सल्य, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्यों के अनुभव साझा करना और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर मंथन करना है।
सम्मेलन के प्रथम सत्र में छत्तीसगढ़ के ‘वजन त्यौहार’ की विशेष रूप से सराहना की गई। इस पहल के माध्यम से बच्चों के वजन और पोषण की स्थिति के प्रति परिवारों तथा समुदाय को जागरूक किया जा रहा है। बच्चों की नियमित वृद्धि पर निगरानी रखने और कुपोषण में कमी लाने के प्रयासों में जनभागीदारी को जोड़ना इस पहल की प्रमुख विशेषता है।
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बाल गृहों में रहने वाले बच्चों के लिए तैयार स्वास्थ्य प्लान और साप्ताहिक आहार चार्ट को भी सराहना मिली। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई इन व्यवस्थाओं से बाल गृहों में उनकी देखभाल को व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े की सहभागिता में राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ के ये अनुभव राज्य में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्राथमिकताओं और कार्यप्रणाली को सामने लाए। सम्मेलन के आगामी सत्रों में चारों प्रमुख विषयों पर चर्चा जारी रहेगी। कार्यक्रम के दूसरे दिन, 9 अक्टूबर को, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी सम्मेलन में शामिल होंगे।




