
रायपुर | मुख्यमंत्री के मंशा अनुरूप एवं ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव के दिशा-निर्देश पर ग्रामोद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध संचालक राजेश सिंह राणा के मार्गदर्शन में ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़: वोकल फॉर लोकल – सेल्फी विथ स्वदेशी’ सोशल अवेयरनेस अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग के ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ।

एनसीसी कैडेट्स ने दिया सम्मान, 35 से अधिक छात्रों ने किया रैंप वॉक
मुख्य अतिथि ग्रामोद्योग, शिक्षा एवं विधि-विधायी कार्य मंत्री गजेंद्र यादव का महाविद्यालय के राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के विद्यार्थियों द्वारा बैंड बाजे के साथ भव्य स्वागत कर सलामी दी गई।
प्रदर्शनी का अवलोकन: मंत्री ने हाथकरघा, हस्तशिल्प, खादी ग्रामोद्योग एवं माटीकला के प्रदर्शन-सह-बिक्री स्टॉल्स का अवलोकन किया।
फैशन शो/रैंप वॉक: ‘बिलासा हैंडloom’ के डिजाइनरों द्वारा तैयार कोसा एवं कॉटन वस्त्रों को पहनकर महाविद्यालय के 35 से अधिक छात्र-छात्राओं ने आकर्षक रैंप वॉक किया, जिसे 450 से अधिक विद्यार्थियों ने सराहा।

स्वदेशी उत्पाद हमारी संस्कृति और पहचान
ग्रामोद्योग मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा स्वदेशी हाथकरघा और कोसा वस्त्र हमारी संस्कृति, धरोहर और कलाकृति की विशिष्ट पहचान हैं। स्वतंत्रता आंदोलन में भी स्वदेशी उत्पादों का विशेष योगदान रहा है। यह वस्त्र हमारे कुशल बुनकरों एवं शिल्पियों की कड़ी मेहनत से बनते हैं और स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभदायक हैं। राज्य के युवा ग्रामोद्योग के माध्यम से स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन एवं विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने भी अपने विचार रखे और प्रदेशवासियों से हाथकरघा वस्त्रों तथा मिट्टी के बर्तनों व दीयों को अधिक से अधिक अपनाने का सुझाव दिया।
3.50 लाख शिल्पियों को मिल रहा रोजगार
सचिव राजेश सिंह राणा ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने जानकारी दी कि राज्य में हाथकरघा, रेशम, हस्तशिल्प, माटीकला और खादी के माध्यम से 3.50 लाख से अधिक बुनकरों व शिल्पियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल रहा है। बाजार की मांग और लेटेस्ट डिजाइनिंग के लिए 2 NIFT (निफ्ट) डिजाइनर और 1 मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव की नियुक्ति की गई है।

1 अगस्त 2026 से शुरू होगी ‘सेल्फी विथ स्वदेशी’ प्रतियोगिता!
राज्य के बुनकरों और शिल्पियों को प्रोत्साहन देने के लिए ग्रामोद्योग विभाग के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर क्यूआर (QR) कोड अपलोड किया जाएगा।
कैसे मिलेगा पुरस्कार और उपहार?
सेल्फी प्रतियोगिता: 1 अगस्त 2026 से छत्तीसगढ़ के स्वदेशी उत्पादों (हाथकरघा, खादी, माटीकला आदि) के साथ अपनी सेल्फी/फोटो अपलोड करने वाले प्रथम 10 प्रतिभागियों को हर महीने पुरस्कृत किया जाएगा। अधिक खरीदारी करने पर इनाम: जो ग्राहक ग्रामोद्योग उत्पादों की सबसे ज्यादा खरीदारी करेंगे, उनमें से भी प्रथम 10 विजेताओं को हर महीने उपहार दिए जाएंगे (देयकों का मिलान ‘बिलासा हैंडloom एम्पेरियम’ के बिलों से किया जाएगा)।





