कलिंगा विश्वविद्यालय ने सतत विकास पर किया भव्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘साईससस्टेन 2025’ का आयोजन - The State Times News
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कलिंगा विश्वविद्यालय ने सतत विकास पर किया भव्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘साईससस्टेन 2025’ का आयोजन

रायपुर। कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर के विज्ञान संकाय ने 17-18 सितंबर 2025 को हाइब्रिड मोड में “अंतः विषय वैज्ञानिक अनुसंधान के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा देना” विषय पर वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली की सहभागिता से दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन –साईससस्टेन 2025, सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
सम्मेलन का उद्घाटन छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा और छत्तीसगढ़ सरकार के वन विभाग के मुख्य संरक्षक राजू आगासिमानी ने बड़े उत्साह के साथ किया, इसके बाद औपचारिक दीप प्रज्ज्वलन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी के स्वागत भाषण से हुई। डॉ. आर. श्रीधर, कुलपति ने दर्शकों को नवाचार-संचालित अनुसंधान के लिए प्रेरित किया।


डॉ. वर्णिका शर्मा ने युवाओं को उद्देश्यपूर्ण राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए प्रेरित किया । डॉ ओमप्रकाश व्यास, निदेशक ,अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर, प्रो. मनोज के मिश्रा, जीवविज्ञान के प्रोफेसर और संस्थापक निदेशक, अलबामा स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए, डॉ. स्टीफन ओ. मैथ्यू, एसोसिएट प्रोफेसर, उत्तरी टेक्सास विश्वविद्यालय, यूएसए, डॉ. एस. के. जैन, मुख्य फोरेंसिक वैज्ञानिक, भारत सरकार, नई दिल्ली, डॉ. विपलेंद्र पी.एस. शाक्य, वरिष्ठ वैज्ञानिक, यूटा विश्वविद्यालय, यूएसए, डॉ. सुगोतो हाजरा, पोस्ट डॉक्टरल फेलो, डेगू ग्योंगबुक विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान, दक्षिण कोरिया, जिन्होंने सतत विकास के विभिन्न क्षेत्रों पर व्यावहारिक व्याख्यान दिए। सम्मेलन में डॉ. तपेश गुप्ता, अपर निदेशक एवं प्रिंसिपल शासकीय जे योगानंदम छत्तीसगढ़ महावियालय, रायपुर की प्रमुख सहभागिता रही , जिसमें भारत और विदेश से 720 से अधिक प्रतिभागियों ने हाइब्रिड मोड में भाग लिया। शैक्षणिक सत्र में निम्नलिखित प्रस्तुतियां शामिल थे:-
– 66+ ऑनलाइन प्रस्तुतियाँ
– 44 मौखिक प्रस्तुतियाँ
– 30 पोस्टर प्रस्तुतियाँ
– कैंसर अनुसंधान, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस फॉर सस्टेनेबिलिटी, फोरेंसिक विज्ञान और ऊर्जा संचयन प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा मुख्य व्याख्यान दिए गए, डॉ केशवकान्त साहू, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, डॉ कविता शर्मा, शासकीय आर्ट्स एंड कॉमर्स गर्ल्स कॉलेज देवेंद्र नगर, विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए और सर्वश्रेष्ठ मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियों के विजेताओं का उनके प्रस्तुतियों के आधार पर चयन किया।


डॉ. आर. जयकुमार, डीन, विज्ञान संकाय ने ऐसे वैश्विक रूप से प्रासंगिक विषय पर एक सम्मेलन आयोजित करने के प्रयासों की सराहना की। इस कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समन्वयन संयोजक डॉ. सुषमा दुबे, विभागाध्यक्ष बायोटेक्नोलॉजी विभाग, डॉ. परवीन कुमार जंजुआ, विभागाध्यक्ष फोरेंसिक साइंस, और डॉ. रूपेश ठाकुर, विभागाध्यक्ष बायोकेमिस्ट्री संकाय ने, आयोजन समितियों और उत्साही छात्र स्वयंसेवकों के पूर्ण सहयोग से किया। साईससस्टेन 2025 एक ऐतिहासिक आयोजन के रूप में संपन्न हुआ, जो अंतः विषय सहयोग को बढ़ावा देता है और वैज्ञानिक नवाचार के माध्यम से स्थायी समाधानों को बढ़ावा देता है कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति ने श्रेष्ठ मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए।
कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन जैव प्रौद्योगिकी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुषमा दुबे द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कलिंगा विश्वविद्यालय के प्रबंधन, सम्मेलन की आयोजन समिति और छात्र स्वयंसेवकों के भरपूर सहयोग की सराहना की। उन्होंने प्रायोजकों सीएसआईआर, नई दिल्ली, वीवाई हॉस्पिटल रायपुर, लक्ष्मी मेडिकल रायपुर, एसएस बुक पब्लिकेशन नई दिल्ली, जय एप्लाइंसेस भिलाई, सिंघाचलम लेबोरेटरी, विज्ञान घरा, लैंडमार्क इंश्योरेंस प्राइवेट लिमिटेड को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग के लिए गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, श्री दावरा विश्वविद्यालय एवं मैट्स विश्वविद्यालय को भी धन्यवाद दिया।

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